नई दिल्ली, उज्जवल इण्डिया न्यूज़ डेस्क। Agni-5 Missile : भारत ने सोमवार को रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। भारत ने मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल (MIRV) क्षमता वाली अग्नि-5 मिसाइल का पहला सफल परीक्षण किया है। इस पूरे मिशन को “मिशन दिव्यास्त्र” नाम दिया गया था। इस सफलता पर पीएम मोदी ने डीआरडीओ के वैज्ञानिकों को बधाई दी है।
क्या होती है MIRV क्षमता
इसे इस तरह समझा जा सकता है कि इस क्षमता के आ जाने के बाद एक ही मिसाइल कई परमाणु बम एक ही बार में ले जा सकती है और एक ही बार में दुश्मन के कई टार्गेट्स को तबाह कर सकती है। इस परीक्षण के साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया है जिनके पास ऐसी क्षमता है। यह तकनीक पाकिस्तान के पास भी नहीं है। केवल अमेरिका, चीन, रूस, ब्रिटेन और फ्रांस के पास ही ऐसी तकनीक थी।
MIRV Technology
पीएम मोदी ने दे बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मिसाइल के सफल परीक्षण को लेकर वैज्ञानिकों को बधाई दी है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल (MIRV) तकनीक के साथ स्वदेशी रूप से विकसित अग्नि-5 मिसाइल का पहला उड़ान परीक्षण ‘मिशन दिव्यास्त्र’ के लिए हमारे डीआरडीओ वैज्ञानिकों पर गर्व है।”
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अग्नि-5 मिसाइल की खासियत
- अग्नि-5 मिसाइल का वजन 50 टन है जोकि 1.5 टन तक नयूक्लियर वॉरहेड ढोने में सक्षम है।
- अग्नि-5 को DRDO ने विकसिक किया है।
- यह 17.5 मीटर लंबी है. इसका व्यास 2 मीटर यानी 6.7 फीट है।
- अग्नि-5 मिसाइल 29,401 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दुश्मन पर हमला करती है।
- गाइडेंस के लिए इसमें रिंग लेजर गाइरोस्कोप इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम, जीपीएस, NavIC सैटेलाइट गाइडेंस सिस्टम लगा हुआ है।
- अग्नि-5 मिसाइल को ट्रक की मदद से किसी भी स्थान पर पहुंचाया जा सकता है. इसे मोबाइल लॉन्चर से ऑपरेट किया जा सकता है।
- यह मिसाइल एक बार में 2 से 10 परमाणु को अपने साथ ले जा सकती है।

